विश्व के सबसे बडे औद्योगिक संगठन फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री का मीडिया अब हिमाचल प्रदेश के युवा डा रणेश राणा के हवाले रहेगा। एफ.आई.आई के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक जैन ने बैंकाक में गए औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान उनकी नियुक्ति की है। डा रणेश राणा वर्तमान में फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री के प्रदेश संगठन मंत्री के पद पर तैनात थे और उन्होने ही हिमाचल इकाई का गठन पहली बार चिरंजीव ठाकुर के नेतृत्व में किया था और उद्योग एसोसिएशन FII को बुलंदियों पर पहुंचाया। राष्ट्रीय महासचिव उदितेन्दु वर्मा ने बताया कि संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डा दीपक जैन ने उनको एफ.आई.आई का राष्ट्रीय मीडिया सलाहकार नियुक्त किया है। थाईलैंड औद्योगिक भ्रमण के दौरान डा रणेश राणा ने इस यात्रा को अपनी लेखनी के माध्यम से तथा डिजीटल मीडिया के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक तरीके से प्रचार प्रसार किया था। इसको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली थी। अब हिमाचल का यह युवा 62 देशों में कार्यरत एफआईआई के मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे और सभी देशों की एक दूसरे की जरुरतों व आयात निर्यात की बातों का आदान प्रदान करेंगे तथा मीडिया के माध्यम से संवाद स्थापित करेंगे।
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कुरुक्षेत्र विवि से हैं स्नातक-
1996 से हैं पत्रकारिता में सक्रिय-
औद्योगिक नगरी बददी में 09.02. 1978 में जन्मे डा रणेश राणा पुत्र हंसराज ठाकुर 1996 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हरियाणा के भिवानी से आईटीआई करने के बाद राणा ने नालागढ़ कालेज से बैचलर आफ आर्टस करने के बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री हासिल की है। वह हिमालया फाऊंडेशन नाम से सामाजिक संस्था भी चलाते हैं और आम व जरुरतमंद लोगों की मदद करते हैं। उनकी उत्कृष्ट पत्रकारिता व 100 से ज्यादा सामाजिक कार्यों को देखते हुए उनको दिल्ली की संस्था ने दो साल पहले डाक्टरेट की मानद उपाधि से अलंकृत किया था। वह इसके अलावा बीबीएन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, नालागढ़ उद्योग संघ, लघु उद्योग भारती, लघु उद्योग संघ व इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य हैं और औद्योगिक विकास में उनका हिमाचल में अहम योगदान रहा है।
लगा चुके हैं 24 रोजगार मेले-
डा रणेश राणा अपनी संस्था हिमालय फाउंडेशन के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के मकसद से राज्य में 24 रोजगार मेले लगा चुके हैं जिसमें सैंकडों बेरोजगारों को रोजगार मिला है।
